समुंद्री जहाज़ या नाव में सवार हो तो यह दुआ पढ़े
بسمِ اللّٰهِ مَجْرِهاَ وَ مُرْسَهَا اِنَّ رَبِّی لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ
وَمَا قَدَرُوا اللّٰهَ حَقَّ قَدْرِهِ وَالْاَرْضُ جَمِيعًا قَبْضَتُهُ يَوْمَ الْقِيَمَةِ وَالسَّمَوٰتُ مَطْوِيَّاتٌ بِيَمِينِهِ سُبْحٰنَهُ وَتَعَالٰى عَمَّا يُشْرِكُونَ
बिस्मिल्लाहि मजरिहा व मुर सहा इन्ना रब्बी ला गफूरुर्रहीम ०
वमा कद रूल्लाहा हक्का कद्रिही वल अरदू जमीअन कब्ज़तुहू यौमल कियामति वस्समावातु मत्विय्यातुन बी यमिनिही सुब्हा नहु व तआला अम्मा युशरीकून०
तर्जुमा- अल्लाह के नाम से इसका चलना और ठहरना है, बेशक मेरा परवरदिगार ज़रूर बख़्शने वाला और मेहरबान है और काफिरों ने खुदा को न पहचाना, जैसा कि उसे पहचानना चाहिए। हालांकि कियामत के दिन सारी ज़मीन उसकी मुट्ठी में होगी और आसमान उसके दाहिने हाथ में लिपटे हुए होंगे, वह पाक है और उस अकीदे से बरतर है जो मुश्रिक शिर्क का अकीदा रखते हैं।
- हिस्ने हसीन
