जब रोजा इफ्तार करने लगे तो यह पढ़े
اَللّٰهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ اَفْطَرْتُ (ابوداود
अल्लाहुम्मा लका सुम्तु व अला रिज़किका अफतरतू
-अबू दाऊद
तर्जुमा-ऐ अल्लाह रखा ! मैंने तेरे ही लिए रोज़ा Maऔर तेरे ही दिए रिज़्क पर रोज़ा खोला।
या यह पढ़े
اَللّٰهُمَّ اِنِّي اَسْئَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الَّتِي وَسِعَتْ كُلَّ شَیئٍ اَنْ تَغْفِرَ لِي ذُنُوبِي (حصن حصین)
अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका बिरहमति-कल्लती वसिअत कुल्ला शैइन अन तगफिराली जुनूबी० - हिस्न
तर्जुमा-ऐ अल्लाह ! मैं तेरी उस रहमत के वास्ते से सवाल करता हूं जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू मेरे गुनाह माफ कर दे।
Roja iftar ki dua hindi
