चाश्त की नमाज़ पढ़ कर यह दुआ पढ़े
اَللّٰهُمَّ بِكَ اُحَاوِلُ وَبِكَ اُصَاوِلُ وَبِكَ اُقَاتِلُ (حصن حسين)
अल्लाहुम्मा बिका उहाविलु व बिका उसाविलु व बिका उकातिलु० - हिस्ने हसीन
तर्जुमा-
ऐ अल्लाह ! मैं तुझी से अपने मकासिद की कामियाबी तलब करता हूं और तेरी ही मदद से दुश्मनों पर हमला करता हूं और तेरी ही मदद
से जिहाद करता हूं।
Chast Ke Namaz Ke Baad Ki Dua
