अल्लाह वाले दुनिया की दौलत के भूखे नहीं होते
islamic story in hindi
हजरत शेख जुलनून मिश्री की खिदमत में एक शख्स हाजिर हुआ जिसको तुरका पुद्री में 1000 दिनार मिले थे वह दिनार हजरत शेख की नजर कीये और अर्ज किया कि मुझे मुरीद कर लीजिए और येह दिनार खाएका के दरवेशों में तक्सीम फर्मा दीजिए चुनानचे शेख ने उसको मुरीद किया और वोह तमाम दिनार फुकरा में तक्सीम कर दिये एक दिनार भी हजरत शेख ने दूसरे दिन के लिये बाकी नहीं रखा चुनानचे उस मुरीद ने आहे सर्द भरकर कहा अब हजार दिनार कब मयस्सर होंगे काश मुझे आज भी इतने दिनार मयस्सर आ जाएं तो मैं अखराजात खानकाह के लिये शैख़ की खिदमत में पेश कर दू,
Auliya
islamic story in hindi
हजरत जुलनून मिश्री ने उसकी इजतराबी दुआ को सुना और फरमाया कि येह तीन दिरहम लेकर अतार की दुकान पर जाओ और फलां दवा खरीद लाओ उसने तामिले हुकुम की तो शेख ने फरमाया उस दवा को हावन दस्ता में कूटकर रोगन में गोंधो और तीन गोलियां खर मेहरा के बराबर बनाओ और सुई से सुराख करके गोलियों को मेरे पास ले आओ वह हस्बे इरशाद गोलियां बनाकर के लाया शेख ने उन गोलियों को अपने दस्ते मुबारक पर रख दी और कुछ कलमात उन पर पढ़े तीनों गोलियां तीन याकूत शुर्ख बन गई हजरत शेख ने उस मुरीद से फरमाया कि इन गोलयों को बाजार लेके जाओ बेचना मत सिर्फ कीमत मालूम करके आजाओ मुरीद गोलयों को लेकर जोहरयों की दुकान पर गया उन्होंने हर याकूत की कीमत एक हजार दीनार लगाई लेकिन बेचने का हुकुम ना था इसलिये कीमत मालूम करके गोलयाँ शैख़ की खिदमत मे वापस लें आये तो आपने फरमाया कि गोलयों को फिर हावन दस्ता मे डालकर कूट दो और छोटे छोटे टुकड़े करके दरिया मे डालदो और फरमाया अल्लाह वाले दरवेश दुनिया की दौलत के भूके नहीं होते बल्कि उनके लिये भूखा रहना ही मेराजे कमाल है