Apne nafs ko Samjhane Ka Waqya Khuwaja Hasan Basri
Hazrat Khuwaja Hasan Basri
Nafs Ko Samjhana
Amliyate Auliya
Laziz Khana
एक दिन खुवाजा हसन बसरी ने अपने मुलाजिम को कहा कि मेरे लिये बाजार से नान और मछली ला जब वोह लाया और सामने रखी तो आपने फरमाया मुआज अल्लाह गुनेहगार बन्दे को ऐसा खाना खाने से किया सरो कार...
नौकर ने कहा हुज़ूर मे तो आपके इरशाद पर नान और मछली लाया था आपने नारा लगाया और रोने लगे चालीस दिन तक कोई चीज ना खाई और फरमाया कि अये मेरे नफ़्स मैंने तुझे सजा दी...
कि तूने लजीज खाने की खुवाहिस की थी इस तरह आपने तजकिया नफ़्स के लिये अपने नफ़्स को समझाया कि अल्लाह की राह मे चलने के लिये अल्लाह जों अता करें उसे कबूल करो खुद खुवाहिश ना करो