Ahle Bait ki Mohabbat Ki Talkin
Ahle Bait Se Mohabbat Karna
Allah Walo Se Mohabbat Karna
Hazrat Imam Zafar Sadiq
mohammad sallallaho alaihe salam
Ahle bait
हज़रत इमाम जफ़र की सारी ज़िन्दगी हक सच के बोल बाला के लिये जिहाद करते हुऐ गुजर गई मसलन जब एक मर्तबा इमाम साफाई के मुख़ाल्फीन ने उनपर अफजियत का इल्जाम लगाया तो आपने उस पर दुख का इज़हार करते हुऐ फरमाया कि ये किस क़दर तास्सूफ अमेज बात है कि अहले बैत ही की मोहब्बत की वजा से हज़रत इमाम साफाई को राफजी का ख़िताब देकर कैद वा बंद की सौबतो मे डालदिया गया...
Ahle bait
जिसके मुताल्लिक इमाम साहब खुद ही अपने एक शेयर मे इरशाद फरमाते हैँ कि अगर उसे अहले बैत से मोहब्बत का नाम रफज़ है तो तो फिर पुरे आलमे इस्लाम को मेरी राफजियेत पे गवाह रहना चाहिए और अगर बिलफ़र्ज अहले बैत और सहाबा कराम से मोहब्बत करना अरकाने इस्लाम मे दाखिल ना हो तब भी उनसे मोहब्बत करने और उनकी हालात से बा खबर रहने मे किया हर्ज वाक़ये होता है...
Ahle bait
इस लिये हर अहले ईमान के लिये जरुरी है कि वोह जिस तरह दिल वा जान से सर्वरे क़ायनात हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम के मर्तबे से आगाही हासिल करता है उसी तरह खल्फाये राशिदेन और देगर सहाबा ऐ कराम और अहले बैत के मरातिब को भी उनके मुकाम और मर्तबे के मुताबिक अफजल वा आला तसव्वर करें